यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ईसीएचआर) ने तीन अलग-अलग मामलों में यूनान को शरणार्थियों के पारिवारिक जीवन के अधिकार का उल्लंघन करने के लिए दोषी पाया है। ये मामले शरणार्थियों के अपने परिवारों के साथ फिर से जुड़ने के अधिकारों से संबंधित थे। न्यायालय ने पाया कि यूनानी अधिकारियों ने परिवार के पुनर्मिलन में अनुचित देरी की और कुछ मामलों में, इसे पूरी तरह से रोक दिया। इस फैसले से यूनान पर शरणार्थियों के अधिकारों की रक्षा करने और पारिवारिक जीवन के अधिकार को सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ेगा। ईसीएचआर के इस निर्णय का असर अन्य यूरोपीय देशों पर भी पड़ सकता है, जहां समान नीतियां लागू हैं। न्यायालय ने यूनान को क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है, हालांकि राशि का विवरण अभी जारी नहीं किया गया है। यह फैसला शरणार्थी अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण जीत माना जा रहा है।
