मोज़ाम्बिक की पूर्व प्रथम महिला, ग्राça मachel ने शांति निर्माण की प्रक्रिया पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि शांति केवल औपचारिक वार्ताओं के माध्यम से स्थापित नहीं होती है, बल्कि इसके लिए जमीनी स्तर पर प्रयास भी ज़रूरी हैं। मachel का मानना है कि समुदायों की सक्रिय भागीदारी और सुलह की भावना शांति को दीर्घकालिक बनाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने मोज़ाम्बिक के अनुभव से उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे स्थानीय स्तर पर संवाद और सहयोग से संघर्षों को हल किया जा सकता है। मachel ने शांति को एक सतत प्रक्रिया बताया और सभी हितधारकों को इसमें योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनका जोर इस बात पर है कि शांति केवल राजनेताओं और वार्ताकारों का काम नहीं है, बल्कि हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है।