सरकार ने सरकारी खज़ाने से मिलने वाली सहायता राशि के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक बड़ी जाँच शुरू की है। यह जाँच 13,000 से अधिक सहायता परियोजनाओं पर केंद्रित है। सरकार का कहना है कि यह अब तक की सबसे बड़ी जाँच है जिसका उद्देश्य अनियमितताओं को खत्म करना है। यह कदम सहायता राशि के वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। जाँच में विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों के अधिकारी शामिल हैं। अधिकारियों का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सहायता राशि का उपयोग इच्छित उद्देश्यों के लिए ही किया जाए। इस पहल से सार्वजनिक धन की सुरक्षा और कुशल उपयोग में मदद मिलेगी।
