नार्वे की सरकार पर कानून की अनदेखी करने का आरोप लगा है। यह आरोप अवैध डंपिंग को रोकने में सरकार की विफलता से संबंधित है। आलोचकों का कहना है कि सरकार पर्यावरण संरक्षण कानूनों का पालन नहीं कर रही है। इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है। सरकार ने अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोका जा सके। यह स्थिति नार्वे में कानून के शासन पर सवाल खड़े करती है।
