सरकार ने स्वीकार किया है कि विपक्ष के विरोध के कारण श्रम सुधारों को लागू करने में मुश्किलें आ रही हैं। मंत्री पिंटो लुज़ ने 'ऑब्सेर्वडर' को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि सरकार इस बात को और स्पष्ट कर सकती है कि श्रम पैकेज वास्तव में एक व्यापक सुधार था, जिसे विपक्ष के कारण कमजोर कर दिया गया। उनका कहना है कि विपक्ष ने सुधारों को इस तरह से बाधित किया कि उनका प्रभाव कम हो गया। सरकार अब इस मुद्दे पर अधिक स्पष्ट रुख अपनाने पर विचार कर रही है। मंत्री ने सुधारों के मूल उद्देश्य और विपक्ष द्वारा किए गए परिवर्तनों के बीच अंतर को उजागर करने की बात कही। यह बयान सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है। इस मामले में आगे क्या होता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
