केंद्र सरकार ने मंत्रालयों में सलाहकारों और निजी सचिवों की संख्या बढ़ाने की अनुमति दी है। नए प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक मंत्रालय में अब अधिकतम 57 सलाहकार और 153 निजी सचिव नियुक्त किए जा सकते हैं। यह कदम पहले के उस निर्णय के विपरीत है, जिसमें इन नियुक्तियों को कम करने पर जोर दिया गया था। सरकार का कहना है कि इससे मंत्रियों को नीतिगत मामलों में बेहतर सहायता मिलेगी और कामकाज में कुशलता आएगी। विपक्ष ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे अनावश्यक खर्च और सरकारी तंत्र में विस्तार बताया है। इस वृद्धि से सरकारी खर्च बढ़ने की संभावना है, लेकिन सरकार का तर्क है कि यह निवेश देश के विकास में सहायक होगा। कुल मिलाकर, यह निर्णय प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्शाता है।