सरकार ने देश से अवैध रूप से सांस्कृतिक, भूवैज्ञानिक और जीवाश्म संबंधी वस्तुओं के निर्यात को रोकने और उनकी वापसी की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए एक नई अंतर-संस्थागत समिति का गठन किया है। यह समिति देश की सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य अवैध व्यापार को रोकना और खोई हुई वस्तुओं को वापस प्राप्त करना है। समिति में विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे जो मिलकर काम करेंगे। यह पहल राष्ट्रीय धरोहर के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। समिति की गतिविधियों से देश की कला और इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण वस्तुओं को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। उम्मीद है कि इस कदम से सांस्कृतिक वस्तुओं की तस्करी पर लगाम लगेगी।