पीटर मग्यार का कहना है कि सरकार वास्तव में शरणार्थियों के लिए एक शिविर स्थापित करना चाहती थी। हालांकि, उनके अनुसार, उनकी वजह से यह योजना अंततः सफल नहीं हो पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का इरादा शिविर बनाने का था, लेकिन किसी कारणवश यह साकार नहीं हो सका। सत्तारूढ़ फिडेस पार्टी ने इस कदम को केवल एक दिखावा बताया था, जिसका पीटर ने खंडन किया है। उनका दावा है कि सरकार की मंशा गंभीर थी, लेकिन उनकी हस्तक्षेप के कारण शिविर स्थापित नहीं हो पाया। इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है। पीटर मग्यार ने सरकार के उद्देश्यों पर सवाल उठाए हैं और इस विफल परियोजना के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया है।
