गोथेनबर्ग शहर में पिछले दस वर्षों में बेघर बच्चों की संख्या में 70 प्रतिशत की कमी आई है। वयस्क बेघर लोगों की संख्या में भी 42 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, जो लोग अभी भी बेघर हैं, उनमें से 93 प्रतिशत घरों में नशीली दवाओं की लत या मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पाई गई हैं। यह दर्शाता है कि बेघर लोगों की संख्या कम होने के बावजूद, मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि बेघर लोगों को आवास प्रदान करने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करना महत्वपूर्ण है। इस कमी के पीछे सरकार और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगे भी इस दिशा में काम जारी रहेगा ताकि बेघर लोगों की संख्या को और कम किया जा सके और उन्हें बेहतर जीवन जीने में मदद मिल सके।