पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान समझौते को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के कुछ कट्टरपंथी सदस्यों ने अपनी नाराज़गी व्यक्त की है। ये वही रिपब्लिकन नेता हैं जिन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के 2015 के ईरान परमाणु समझौते को भी कमज़ोर बताया था। उनका मानना है कि ट्रंप का नया समझौता भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं रखता। इस समझौते की शर्तों को लेकर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि आलोचकों का कहना है कि यह ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति दे सकता है। रिपब्लिकन गुट में इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि ईरान के साथ समझौते का यह नया स्वरूप कितना प्रभावी होगा। ओबामा के कार्यकाल में भी इसी तरह के विरोध के चलते समझौते को लेकर विवादों का सामना करना पड़ा था। अब, ट्रंप के इस कदम से एक बार फिर पुरानी बहस तेज़ हो गई है।
