गूगल ने एक नया फीचर पेश किया है जिसके तहत उपयोगकर्ताओं के मीडिया कंटेंट को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह फीचर उपयोगकर्ताओं को अपने फोटो, वीडियो और ऑडियो डेटा को एआई विकास में योगदान करने की अनुमति देगा। हालांकि, इस कदम से उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। आलोचकों का कहना है कि डेटा संग्रह और उपयोग की शर्तों को लेकर पारदर्शिता की कमी है। गूगल का कहना है कि डेटा सुरक्षित रहेगा और उपयोगकर्ताओं की सहमति के बिना इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस फीचर का उपयोग व्यक्तिगत डेटा को पहचानने या ट्रैक करने के लिए नहीं किया जाएगा। यह कदम एआई तकनीक के विकास में तेजी लाने के गूगल के प्रयासों का हिस्सा है।
