गूगल ने दिवालिया हो चुकी स्पिरिट एयरलाइंस के आंतरिक चैट दस मिलियन डॉलर में खरीदे हैं ताकि अपने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मॉडलों को बेहतर बनाया जा सके। वर्तमान में, इस तरह के डेटा का एक बड़ा बाजार बन रहा है। इस खबर से टीमों के संदेशों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या AI कंपनियां उन पर नज़र रख सकती हैं। स्पिरिट एयरलाइंस के चैट में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है, जिसका उपयोग अब गूगल द्वारा AI विकास के लिए किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डेटा गोपनीयता और सुरक्षा के लिए एक बड़ा जोखिम है। यह मामला अन्य AI कंपनियों को भी इसी तरह के डेटा अधिग्रहण के लिए प्रेरित कर सकता है। इस सौदे से संचार प्लेटफ़ॉर्म की सुरक्षा नीतियों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।