गोल्डविंड ने हनोई में आयोजित GWEC एशिया-प्रशांत पवन ऊर्जा शिखर सम्मेलन में अपनी क्षेत्रीय रणनीति की रूपरेखा प्रस्तुत की। कंपनी का ध्यान अब केवल टर्बाइन की आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संपूर्ण पवन ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर केंद्रित है। गोल्डविंड का लक्ष्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा समाधानों का एक विश्वसनीय भागीदार बनना है। इस रणनीति में स्थानीय विनिर्माण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और कौशल विकास पर जोर दिया गया है। कंपनी का मानना है कि यह दृष्टिकोण क्षेत्र में पवन ऊर्जा के विकास को गति देगा और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा। गोल्डविंड ने टिकाऊ ऊर्जा भविष्य के लिए नवाचार और सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह पहल क्षेत्र में हरित ऊर्जा संक्रमण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।