पोलैंड के ग्लिव्सी नहर में तीन टन मछलियाँ मृत पाई गईं। इस घटना के पीछे सोने की शैवाल (golden algae) को कारण बताया जा रहा है। यह शैवाल पानी में ऑक्सीजन की मात्रा को कम कर देता है, जिससे मछलियाँ दम घुटने से मर जाती हैं। स्थानीय अधिकारियों ने स्थिति की निगरानी शुरू कर दी है और पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शैवाल का प्रसार तापमान और पोषक तत्वों के स्तर में बदलाव के कारण हुआ है। यह घटना नहर के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक गंभीर खतरा है। इस समस्या से निपटने के लिए आगे की जांच और उपाय आवश्यक हैं।