अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष समाप्त करने के लिए एक समझौते के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में एक प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। इस समझौते के परिणामस्वरूप तेल की कीमतों में गिरावट आई है, जिससे मुद्रास्फीति और ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका कम हुई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव में कमी के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से दूरी बना ली है। समझौते से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता कम होने की उम्मीद है। सोने की कीमतों में यह उछाल मुख्य रूप से सुरक्षित निवेश की मांग में कमी के कारण है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में स्थिरता बनी रहने की संभावना है। यह समझौता वैश्विक बाजारों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
