डॉलर की कीमत में गिरावट के कारण सोने की कीमत में वृद्धि हुई है, जो तीन महीनों में सबसे अधिक स्तर पर पहुँच गई है। चूंकि सोने का मूल्य अमेरिकी डॉलर में निर्धारित होता है, इसलिए डॉलर कमजोर होने पर अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। इस कारण से, डॉलर की कमजोरी सोने की मांग को बढ़ाती है, जिससे उसकी कीमत बढ़ती है। विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रवृत्ति जारी रहने की संभावना है, क्योंकि डॉलर में और गिरावट की आशंका है। निवेशकों का ध्यान अब सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहा है, जिसमें सोना एक प्रमुख विकल्प है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच सोने को एक सुरक्षित आश्रय माना जाता है। यह मूल्य वृद्धि सोने के बाजार में सकारात्मक संकेत दे रही है।

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