वैश्विक सोने की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, और यह 4,643 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया है। यह एक मनोवैज्ञानिक स्तर है जिसे सोने ने सफलतापूर्वक पार कर लिया है। इस वृद्धि के पीछे अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और ईरान पर लगे प्रतिबंधों को मुख्य कारण माना जा रहा है। ईरान पर प्रतिबंधों के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता का माहौल है, जिसके चलते निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ रहा है। सोने को एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए ऐसी अनिश्चित परिस्थितियों में निवेशक इसमें निवेश करना पसंद करते हैं। विश्लेषकों का मानना ​​है कि निकट भविष्य में भी सोने की कीमतों में वृद्धि जारी रह सकती है। यह रिकॉर्ड उच्च स्तर सोने के बाजार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।