बंगलुरु में आज सोने के दामों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। सोने की कीमतें सात महीने के निचले स्तर के करीब मंडरा रही हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित वृद्धि की आशंका से डॉलर मजबूत हुआ है, जिसका असर सोने पर पड़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि ब्याज दरें बढ़ने से सोने में निवेश करने की लागत बढ़ जाती है, जिससे इसकी मांग कम हो जाती है। सोने के अलावा, अन्य कीमती धातुओं में भी गिरावट देखी जा रही है। बाजार में निवेशकों की निगाहें अब फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत घोषणाओं पर टिकी हैं। फिलहाल, डॉलर की मजबूती के कारण सोने की कीमतों में और गिरावट आने की संभावना है।