बंगलुरु में बुधवार को सोने की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई, जिससे लगातार पांचवें दिन कीमतों में वृद्धि हुई। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीद बढ़ने से ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका कम हुई है, जिसके कारण सोने की कीमतों को समर्थन मिला है। निवेशक अब इस समझौते के विवरण और फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत घोषणाएं सोने की कीमतों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती हैं। ईरान-अमेरिका तनाव कम होने से सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की मांग में थोड़ी कमी आ सकती है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण सोने में निवेश जारी रहने की संभावना है। फिलहाल, निवेशक फेड की नीतिगत रुख को लेकर सतर्क हैं।