जे.पी. मॉर्गन का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोने की कीमतें बढ़कर 6,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। हाल ही में निवेशकों की रुचि में कमी और कीमतों में स्थिरता के बावजूद यह अनुमान लगाया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद इस तेजी का मुख्य कारण हो सकते हैं। सोने को अक्सर मुद्रास्फीति के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। वर्तमान में, सोने की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन बाजार में तेजी की संभावना बनी हुई है। यह अनुमान निवेशकों के लिए सोने में निवेश को आकर्षक बना सकता है। हालांकि, बाजार की स्थितियों में बदलाव के साथ यह अनुमान बदल भी सकता है।
