न्यूयॉर्क में गुरुवार को सोने के दामों में गिरावट दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण डॉलर का मजबूत होना और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति के संकेत थे। फेडरल रिजर्व की नीति से सोने में निवेश का आकर्षण कम हो गया है, क्योंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता है। मजबूत डॉलर भी सोने को विदेशी निवेशकों के लिए महंगा बनाता है, जिससे मांग घटती है। विश्लेषकों का मानना है कि फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरें बढ़ा सकता है, जिससे सोने की कीमतों पर और दबाव आ सकता है। फिलहाल, सोने की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन बाजार फेडरल रिजर्व के अगले कदमों पर नजर रख रहा है। निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
