सीनेटर बॉन्ग गो ने विद्यालयों में परामर्शदाताओं और मानसिक स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पर्याप्त धन सुनिश्चित करने के लिए सरकारी शिक्षा बजट की बारीकी से जांच करने की बात कही है। शिक्षा विभाग (DepEd) के नए आंकड़ों से पता चला है कि पूरे देश में 45,000 से अधिक विद्यालयों में केवल 1,000 से कम पंजीकृत मार्गदर्शन परामर्शदाता कार्यरत हैं। यह कमी छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने में एक बड़ी चुनौती प्रस्तुत करती है। सीनेटर गो का कहना है कि विद्यार्थियों के कल्याण के लिए यह आवश्यक है कि विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित परामर्शदाता उपलब्ध हों। वह यह सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग के साथ मिलकर काम करेंगे कि बजट आवंटन उचित तरीके से किया जाए। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आवश्यक मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करना है, जिससे उनकी शैक्षिक और भावनात्मक विकास में मदद मिल सके। यह कदम विद्यालयों में समग्र कल्याण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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