यह लेख वैश्विक दक्षिण के देशों के व्यापार नियमों और उनकी वैश्विक मूल्य श्रृंखला में भागीदारी पर केंद्रित है। परंपरागत रूप से, उच्च आय वाले देशों की गुणवत्ता, कुशल लॉजिस्टिक्स और परिष्कृत नियामक ढांचे को विकास के लिए आवश्यक माना जाता है। हालांकि, यह दृष्टिकोण वैश्विक दक्षिण की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं करता है। लेख में तर्क दिया गया है कि वैश्विक दक्षिण के देशों की भागीदारी के लिए नए नियमों और दृष्टिकोणों की आवश्यकता है। इसमें संस्थागत गुणवत्ता, लॉजिस्टिक्स और नियमों से परे कारकों पर विचार करना शामिल है। यह विकासशील देशों के लिए व्यापार के अवसरों को अधिकतम करने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है।

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