यूरोपीय संघ के कार्यक्रमों ने 21 जून को समुद्र की सतह के वैश्विक तापमान में वृद्धि दर्ज की, जो 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। यह तापमान अब तक का रिकॉर्ड है और यह वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बन गया है। वैज्ञानिक इस वृद्धि को जलवायु परिवर्तन का परिणाम मानते हैं। बढ़ते तापमान से समुद्री जीवन और पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। यह स्थिति समुद्री धाराओं और मौसम के पैटर्न को भी बदल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि इस गंभीर स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और भविष्य में और अधिक नुकसान से बचा जा सके। यह अभूतपूर्व वृद्धि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए तत्काल वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर ज़ोर देती है।