विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वैश्विक स्तर पर जन्म दोषों के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की है। संगठन ने देशों से नवजात शिशुओं की जांच के कार्यक्रमों का विस्तार करने का आग्रह किया है, ताकि शुरुआती पहचान और उपचार संभव हो सके। WHO की नई रिपोर्ट में बताया गया है कि समय पर निदान से जान बचाई जा सकती है और आजीवन विकलांगता को रोका जा सकता है। जन्म दोष दुनिया भर में बच्चों की मृत्यु का एक प्रमुख कारण हैं। शुरुआती जांच से प्रभावित बच्चों को समय पर उचित उपचार मिल सकता है, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। WHO का कहना है कि सभी देशों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। यह पहल नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।