ईरान युद्ध ने एक नया रक्षा सबक दिया है: कम लागत वाले ड्रोन-विरोधी हथियारों की आवश्यकता। लगभग $5,000 में उपलब्ध ड्रोन-विरोधी प्रणालियों की मांग बढ़ रही है। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित कई देश इस तकनीक को विकसित करने और खरीदने की दौड़ में शामिल हो गए हैं। ये सिस्टम, अपेक्षाकृत सस्ते होने के बावजूद, ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमलों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में सक्षम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति भविष्य के युद्धों के स्वरूप को बदल सकती है, जहां ड्रोन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस वजह से, किफायती ड्रोन-विरोधी तकनीक में निवेश करना देशों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। यह तकनीक न केवल सैन्य बलों के लिए, बल्कि महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।