बीसवीं सदी में, जनसंख्या वृद्धि को एक सतत प्रक्रिया माना जाता था, जिससे श्रम बाजार, उपभोक्ता बाजार और वैज्ञानिक समुदाय का विस्तार हुआ। 1950 में वैश्विक जनसंख्या लगभग 2.5 अरब थी, जो 2026 तक बढ़कर 8.3 अरब होने का अनुमान है। मात्र 75 वर्षों में जनसंख्या 3.3 गुना से अधिक बढ़ गई है। हालांकि, वर्तमान जनसंख्या वृद्धि एक अस्थायी स्थिति साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में जनसंख्या में गिरावट आ सकती है। ऐसे में, जो देश अपनी मानव क्षमता का कुशलतापूर्वक उपयोग कर पाएंगे, वे ही सफल होंगे। यह बदलाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।