प्रसिद्ध ऊर्जा इतिहासकार ज्यां-बैप्टिस्ट फ्रेस्सोज़ ने हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में ऊर्जा परिवर्तन की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दुनिया अभी भी पहले से ज़्यादा कोयला और तेल जला रही है, जबकि हम ऊर्जा परिवर्तन की बात कर रहे हैं। फ्रेस्सोज़ के अनुसार, ऊर्जा क्षेत्र में वास्तविक बदलाव अभी तक नहीं आया है। उनका मानना है कि वर्तमान नीतियां और दावे वास्तविकता से काफ़ी दूर हैं। विशेषज्ञ इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए और अधिक ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। यह बयान वैश्विक ऊर्जा नीतियों और जलवायु परिवर्तन के प्रयासों पर एक महत्वपूर्ण प्रश्नचिह्न लगाता है। फ्रेस्सोज़ का विश्लेषण ऊर्जा क्षेत्र की जटिलताओं और वास्तविक प्रगति की कमी को उजागर करता है।
