विश्व बैंक ने इस वर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर का अनुमान 2.5 प्रतिशत लगाया है, जो कोविड-19 महामारी के बाद सबसे कम है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि इस गिरावट के मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। विश्व बैंक का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव और उच्च ब्याज दरों के कारण वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में मंदी आई है। विकासशील देशों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ने की आशंका है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मुद्रास्फीति अभी भी कई देशों के लिए एक चुनौती बनी हुई है। विश्व बैंक ने भविष्य में आर्थिक सुधार के लिए नीतिगत बदलावों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया है। यह अनुमान वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी है।