विश्व भर में एक सौ मिलियन से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं, लेकिन स्वीडन में शरणार्थी मुद्दे पर बहस लगभग समाप्त हो गई है। पहले राजनेता सहायता करने का दिखावा करते थे, अब वे खुलेआम स्वार्थ का प्रदर्शन कर रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि मानवीय संकट के प्रति संवेदनशीलता कम हो रही है। स्वीडन में इस मुद्दे पर ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर विस्थापन की समस्या गंभीर बनी हुई है। शरणार्थियों की दुर्दशा पर चुप्पी चिंताजनक है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इस संकट के समाधान के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है। यह स्थिति मानवाधिकारों और मानवीय मूल्यों के लिए एक चुनौती है।