संयुक्त राष्ट्र के प्रारंभिक आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में दुनिया भर में कम से कम 950 मानवाधिकार कार्यकर्ता, पत्रकार और ट्रेड यूनियन नेता या तो मारे गए या जबरन लापता हो गए। यह आँकड़ा कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के लिए वैश्विक स्तर पर बढ़ती असुरक्षा को दर्शाता है। संयुक्त राष्ट्र ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सदस्य देशों से इन मामलों की निष्पक्ष जांच करने तथा दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने का आग्रह किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ये घटनाएं विभिन्न क्षेत्रों में हुईं, जिनमें राजनीतिक विरोध, श्रम अधिकार और मानवाधिकारों की वकालत शामिल है। लापता लोगों की तलाश जारी है, लेकिन कई मामलों में अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। यह आँकड़ा मानवाधिकारों की रक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता को बढ़ावा देने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी संबंधित पक्षों से अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और मानवाधिकार मानकों का सम्मान करने का आह्वान किया है।