गivati ब्रिगेड के कमांडर नतनेल श्मका ने यमन के मैदान में त्ज़ाबार बटालियन के विद्रोह पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि “pz’am (सैन्य अनुभव) और युवाओं को परेशान करने की कई घटनाएं हुईं, लेकिन हम इसे जगह नहीं देंगे।” कमांडर ने जोर देकर कहा कि किसी की गरिमा का उल्लंघन नहीं हुआ। यह बयान बटालियन के भीतर कथित दुर्व्यवहार और हज़िंग के आरोपों के जवाब में आया है। श्मका ने इस तरह की घटनाओं को रोकने और सैनिकों के बीच सम्मानजनक वातावरण बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगी और उचित कार्रवाई की जाएगी। यह मामला इजरायली सेना के भीतर अनुशासन और सैनिकों के अधिकारों से संबंधित एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म दे रहा है। इस घटना के बाद सेना ने जांच शुरू कर दी है।

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