संसद में अल्पसंख्यक दल ने बिजली और पानी की कीमतों में हाल ही में हुई वृद्धि पर सार्वजनिक उपयोगिता नियामक आयोग (PURC) की आलोचना की है। आयोग द्वारा किए गए इस समायोजन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। अल्पसंख्यक सदस्यों का कहना है कि यह वृद्धि तर्कसंगत नहीं है और इस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने इस वृद्धि के कारण आम उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को लेकर चिंता व्यक्त की है। यह निर्णय उपभोक्ताओं के लिए और अधिक वित्तीय दबाव उत्पन्न कर सकता है। आयोग से इस मामले में स्पष्टीकरण और विस्तृत जानकारी देने का अनुरोध किया गया है। इस मुद्दे पर आगे बहस और चर्चा की संभावना है।