घाना में प्लास्टिक कचरे के बढ़ते इस्तेमाल से बाढ़ और पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है। युवा जलवायु कार्यकर्ता फासिला अलहसन ने देशव्यापी स्तर पर सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने की अपील की है। उन्होंने JoyNews के X प्लेटफॉर्म पर आयोजित ‘लाउड एंड ग्रीन XSpaces’ के दूसरे संस्करण में बताया कि कई समुदायों, खासकर बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में, बाढ़ के पानी में प्लास्टिक कचरा आम दृश्य बन गया है। प्लास्टिक कचरा जल निकासी व्यवस्था को अवरुद्ध करता है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो जाती है। फासिला अलहसन का कहना है कि डिस्पोजेबल पैकेजिंग पर निर्भरता कम करके इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। यह बदलाव पर्यावरण संरक्षण और बाढ़ नियंत्रण दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्लास्टिक के विकल्प तलाशने और कचरा प्रबंधन में सुधार करने पर ज़ोर दिया।
