घाना में, सूक्ष्म और छोटे उद्यमियों पर तो ध्यान दिया जाता है, लेकिन मध्यम आकार के उद्यमों को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण नीतिगत चूक है जिससे आर्थिक विकास बाधित हो सकता है। सरकार सूक्ष्म (Micro) और छोटे (Small) उद्यमों को तो प्रोत्साहित करती है, परन्तु मध्यम (Medium) उद्यमों की अनदेखी करती है। मध्यम उद्यम रोज़गार सृजन और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन उद्यमों को समर्थन देने से घाना की अर्थव्यवस्था को और अधिक लाभ होगा। नीति निर्माताओं को इस अंतर को पहचानना और मध्यम उद्यमों के विकास के लिए नीतियां बनानी चाहिए। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि MSME के सभी तीन पहलू – सूक्ष्म, छोटे और मध्यम – समान रूप से समर्थित हों।