इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स (आईईए) ने बैंक ऑफ घाना के घरेलू गोल्ड खरीद कार्यक्रम के तहत 1.7 अरब सेडी के नुकसान को घाना गोल्ड बोर्ड (गोल्डबोड) से जोड़ने की बात को खारिज कर दिया है। आईईए के अनुसार, यह नुकसान गोल्डबोड के कारण नहीं हुआ है। यह कार्यक्रम में कुछ कमियों के कारण हुआ है, जिसके लिए गोल्डबोड जिम्मेदार नहीं है। आईईए ने इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण जारी किया है ताकि जनता को सही जानकारी मिल सके। बैंक ऑफ घाना के इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय रूप से सोने की खरीद को बढ़ावा देना था। आईईए ने कार्यक्रम की समीक्षा करने और भविष्य में इस तरह के नुकसान से बचने के लिए सुझाव दिए हैं। यह स्पष्टीकरण वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।