संसद की ऊर्जा समिति के उप-रैंकिंग सदस्य, कॉलिन्स एडोमाको-मेंसाह ने बताया है कि समिति को अभी तक २९ जुलाई, २०२६ को हुई राष्ट्रव्यापी बिजली कटौती पर पूरी रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने इस देरी पर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि रिपोर्ट की समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई करने के लिए समय सीमा महत्वपूर्ण है। एडोमाको-मेंसाह ने रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करने का आग्रह किया है ताकि समिति स्थिति का आकलन कर सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उपाय कर सके। यह कटौती देश भर में व्यापक प्रभाव डाल सकती है, इसलिए रिपोर्ट में इसकी वजहों और समाधानों का विस्तृत विश्लेषण महत्वपूर्ण है। समिति इस मामले को गंभीरता से ले रही है और पारदर्शिता की मांग कर रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद, समिति आगे की कार्यवाही तय करेगी। यह देरी बिजली क्षेत्र में जवाबदेही और निगरानी के बारे में सवाल उठाती है।