पूर्व कानूनी शिक्षा निदेशक क्वाकू आंसा-असाए ने राज्य परिषद की वर्तमान संरचना पर गंभीर आलोचना की है। उनका कहना है कि परिषद अब पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण हो गई है और स्वतंत्र राय व्यक्त करने का माहौल नहीं रह गया है। आंसा-असाए, जो घाना लॉ स्कूल के पूर्व निदेशक भी हैं, ने परिषद के सदस्यों के चयन में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ने की आशंका जताई है। उनका मानना है कि इससे परिषद की निष्पक्षता और संवैधानिक भूमिका प्रभावित हो रही है। उन्होंने परिषद को गैर-पक्षपातपूर्ण और स्वतंत्र विचारों के लिए एक मंच बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह टिप्पणी घाना की राजनीतिक व्यवस्था में राज्य परिषद की भूमिका और प्रभावशीलता पर बहस को जन्म दे सकती है। आंसा-असाए के इस बयान से परिषद की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं।
