घाना नेशनल पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (GNPC) ने चेतावनी दी है कि 2030 तक देश की गैस मांग को पूरा करने के लिए 3.5 बिलियन डॉलर का निवेश पर्याप्त नहीं होगा। अकरा में आयोजित वेस्ट अफ्रीका गैस फोरम के दौरान श्री उस्सिफ ने इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि उद्योग भागीदारों द्वारा नियोजित निवेश से गैस उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि जरूर होगी। हालांकि, इसके बावजूद आपूर्ति की कमी को पूरा करने के लिए घाना को अभी भी बाहरी स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ेगा। ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश को तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के आयात का सहारा लेना जारी रखना होगा। यह कदम घरेलू उत्पादन और वास्तविक मांग के बीच के अंतर को पाटने के लिए आवश्यक है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य देश में ऊर्जा की निरंतरता और स्थिरता बनाए रखना है।