मीडिया व्यक्तित्व एमसी मिस्टर हैंसन ने एक विवादास्पद बयान देकर बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि पास्टरों को विवाह से पहले यौन संबंध गलत है, यह उपदेश देना बंद कर देना चाहिए। इस बयान ने धार्मिक और सामाजिक हलकों में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ ला दी है। कुछ लोगों ने हैंसन के विचारों का समर्थन करते हुए व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आधुनिक मूल्यों पर जोर दिया है। वहीं, कई धार्मिक नेता और रूढ़िवादी लोगों ने उनकी आलोचना की है, उनका कहना है कि यह पारंपरिक नैतिक मूल्यों के खिलाफ है। यह मुद्दा अब चर्चा में है कि क्या धार्मिक उपदेशों को बदलते सामाजिक मानदंडों के अनुरूप होना चाहिए। हैंसन के इस बयान से धार्मिक शिक्षाओं और व्यक्तिगत पसंद के बीच बहस फिर से शुरू हो गई है।