घाना यूनियन ऑफ ट्रेडर्स एसोसिएशन (गुटा) के अध्यक्ष क्लेमेंट बोटेंग ने हाल ही में बिजली की दरों में हुई वृद्धि की आलोचना की है। उनका तर्क है कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियाँ पब्लिक यूटिलिटीज रेगुलेटरी कमीशन (पुरक) द्वारा घोषित समायोजन को सही नहीं ठहराती हैं। बोटेंग का मानना है कि यह वृद्धि व्यवसायों और उपभोक्ताओं दोनों पर अतिरिक्त बोझ डालेगी। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। गुटा का कहना है कि आर्थिक मंदी के दौर में यह कदम अनुचित है। यह वृद्धि मुद्रास्फीति को और बढ़ा सकती है और व्यापारिक गतिविधियों को धीमा कर सकती है। एसोसिएशन ने सरकार से व्यवसायों के लिए अनुकूल नीतियां बनाने का आग्रह किया है।
