गुरुवार को संसद में अफ़ेन्यो-मार्किन, जो विपक्ष के नेता हैं, और अटॉर्नी जनरल डॉ. डोमिनिक एयिन के बीच सार्वजनिक न्यायाधिकरण विधेयक को लेकर गरमागरम बहस हुई। यह विधेयक विवादों में घिरा हुआ है जिसके कारण दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। अफ़ेन्यो-मार्किन ने विधेयक के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए, जबकि अटॉर्नी जनरल ने विधेयक के औचित्य का बचाव किया। बहस के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए और विधेयक की संभावित कमियों और फायदों पर चर्चा की। इस विवाद ने संसद में एक तनावपूर्ण माहौल पैदा कर दिया, और विधेयक पर आगे की चर्चा अनिश्चित है। यह घटना राजनीतिक विश्लेषकों और जनता के बीच विधेयक के भविष्य को लेकर अटकलों को जन्म दे रही है।