राष्ट्रीय अभिभावक-शिक्षक संघ (एनसीपीटीए) ने शिक्षा मंत्रालय और घाना शिक्षा सेवा (जीईएस) द्वारा पूर्व-उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अत्यधिक खर्च वाले और व्यावसायिक लाभ कमाने वाले स्नातक समारोहों पर लगाए गए प्रतिबंध का पूर्ण समर्थन किया है। एनसीपीटीए का मानना है कि यह कदम शिक्षा के मूल मूल्यों पर ध्यान केंद्रित करने में सहायक होगा। संगठन ने स्कूलों में अनुशासन और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। यह निर्णय स्कूलों में अनावश्यक खर्चों को कम करने और शिक्षा को अधिक समावेशी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। एनसीपीटीए ने इस पहल को छात्रों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया है। यह कदम शिक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है। अभिभावक संघ ने सभी स्कूलों से इस दिशा-निर्देश का पालन करने का आग्रह किया है।