घाना में एक्सट्रेक्टिव सेक्टर मल्टी-स्टेकहोल्डर ग्रुप (एमएसजी) ने संसद से राज्य एजेंसियों को तलब करने का आग्रह किया है। यह आग्रह खनन क्षेत्रों में खनिज रॉयल्टी के वितरण में हो रही देरी को लेकर है। एमएसजी का कहना है कि इन देरीयों से खनन होस्ट समुदायों का विकास बाधित हो रहा है। संसद से इस मामले में हस्तक्षेप कर पारदर्शिता और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया है। इन समुदायों को मिलने वाली रॉयल्टी उनके सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। एमएसजी का मानना है कि उचित वितरण से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक बदलाव आ सकता है। यह कदम खनन क्षेत्रों के निवासियों के जीवन स्तर को सुधारने में मदद करेगा।