अखिल भारतीय फुटबॉल संघ (जीएफए) ने अपने नियमों में संशोधन किया है, जिससे अब अध्यक्ष तीन बार तक पद पर रह सकते हैं। इस बदलाव के बाद, कर्ट के तीसरी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने की संभावना बढ़ गई है। कर्ट ने अभी तक आधिकारिक तौर पर अपनी उम्मीदवारी की घोषणा नहीं की है, लेकिन उन्होंने कहा है कि "जब समय आएगा, तो मैं बोलूंगा।" यह निर्णय फुटबॉल प्रशासकों के बीच बहस का विषय बना हुआ है, कुछ लोग इसे नेतृत्व में निरंतरता के लिए आवश्यक मानते हैं, जबकि अन्य इसे सत्ता के केंद्रीकरण के रूप में देखते हैं। जीएफए का यह कदम भारतीय फुटबॉल के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। इस संशोधन के लागू होने के बाद, कर्ट के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। उम्मीद है कि वह जल्द ही अपनी योजनाओं की घोषणा करेंगे।