घाना के बांड बाजार में कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो 343 प्रतिशत बढ़कर 7.16 बिलियन सेडीस तक पहुँच गया है। यह वृद्धि बाजार में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाती है। हालाँकि, 2035 से आगे की अवधि में गतिविधि कम रही, जहाँ 2035-2038 की परिपक्वता अवधि का कारोबार कुल कारोबार का मात्र 0.42 प्रतिशत था। इन लंबी अवधि के बांडों पर औसत उपज 14.59 प्रतिशत दर्ज की गई। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह उछाल हाल की आर्थिक नीतियों और ब्याज दरों में बदलाव का परिणाम है। निवेशकों का ध्यान अभी भी कम अवधि के बांडों पर केंद्रित है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या लंबी अवधि के बांडों में भी भविष्य में समान वृद्धि दिखाई देती है।