घाना ने दक्षिण अफ्रीका में ज़ेनोफोबिक हमलों के बाद अपने नागरिकों को स्वतंत्र रूप से निकालने का विकल्प चुनकर संभावित प्रत्यावर्तन बिल से बचा लिया है। दक्षिण अफ्रीका द्वारा प्रत्यावर्तन बिल जारी करने की संभावना थी, लेकिन घाना ने स्वयं पहल करके इस स्थिति से बच गया। घाना सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की। इस निर्णय से घाना पर वित्तीय बोझ कम हो गया है। यह कदम अन्य अफ्रीकी देशों के लिए भी एक उदाहरण हो सकता है जो अपने नागरिकों को निकालने पर विचार कर रहे हैं। घाना ने कूटनीतिक कुशलता का प्रदर्शन करते हुए स्थिति को संभाला। इस घटना ने दक्षिण अफ्रीका में ज़ेनोफोबिया की समस्या को भी उजागर किया है।