हेलसिंकी सैनोमाट (HS) के विदेशी मामलों के संवाददाता पेक्का म्यक्कानन के अनुसार, जर्मनी ने रूस के कार्यों पर अपेक्षाकृत संयमित प्रतिक्रिया दी है। यह प्रतिक्रिया रूस की अपेक्षा से कम आक्रामक रही है। विश्लेषकों का मानना है कि रूस यह जानता है कि दुनिया कई चुनौतियों से जूझ रही है, जिसका लाभ उठाकर वह अपनी रणनीति को आगे बढ़ा सकता है। जर्मनी की यह रणनीति, रूस को बिना कड़ी प्रतिक्रिया दिए, दुनिया का ध्यान अन्य मुद्दों की ओर मोड़ने की एक कोशिश हो सकती है। इस स्थिति का फायदा उठाकर रूस अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। यह संतुलन साधने की रणनीति है, लेकिन इसकी दीर्घकालिक प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। म्यक्कानन का विश्लेषण जर्मनी के विदेश नीति दृष्टिकोण पर प्रकाश डालता है।

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