जर्मनी सरकार ने अफगानिस्तान में निर्वासितों को वापस भेजने के लिए तालिबान के साथ रियायतें दी हैं, यह एक हालिया जांच में सामने आया है। जांच से पता चलता है कि अधिक निर्वासितों को भेजने के लिए जर्मनी ने तालिबान के साथ एक गुप्त समझौता किया है। इस समझौते के तहत, जर्मनी ने संभवतः तालिबान की कुछ मांगों को मान ली है। यह कदम अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ाता है, क्योंकि तालिबान शासन के तहत वहां स्थिति गंभीर बनी हुई है। जर्मन सरकार ने अभी तक इस समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच के निष्कर्ष इस दिशा में इशारा करते हैं। आलोचकों का कहना है कि यह समझौता अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवाधिकारों के खिलाफ है। इस मामले में आगे जांच जारी है।