जर्मनी में प्रस्तावित चीनी कर के कारण कोला जीरो जैसे उत्पादों की कीमत भी बढ़ने की संभावना है। इस कर का उद्देश्य चीनी युक्त पेय पदार्थों की खपत को कम करना है। रस, आइस्ड टी, दूध-आधारित पेय और अन्य शीतल पेय पर प्रति लीटर 38 सेंट तक की वृद्धि हो सकती है। यह कदम स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को दूर करने और नागरिकों को स्वस्थ विकल्प चुनने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है। सरकार का मानना है कि यह कर चीनी के अत्यधिक सेवन से होने वाली बीमारियों को कम करने में मदद करेगा। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। हालांकि, स्वास्थ्य समर्थक इस कदम की सराहना कर रहे हैं।